सनातन संस्कार · समाज सेवा · सामाजिक एकता

संत श्री भोलागिरी सर्वेश्वर वाटिका पारमार्थिक सेवा समिति

श्री सनातन धर्म रक्षा दल (SSDRD)

शिक्षा श्रृंगार है तो संस्कार प्राण हैं। भारतीय वैदिक सनातन संस्कृति एवं संस्कारों के पुनरुत्थान और पुनर्निर्माण हेतु समर्पित परिवार।

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श्री सनातन धर्म रक्षा दल

परिचय

बंधुओं, शिक्षा श्रृंगार है तो संस्कार प्राण हैं। जब मानव जीवन में संस्कार रूपी प्राण होंगे, तभी शिक्षा रूपी श्रृंगार उपयोगी सिद्ध होगा। संस्कार ही वह पाठशाला है जो मनुष्य को स्वयं, परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का बोध कराती है। यह पाठशाला स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में नहीं, बल्कि संस्कारित एवं आदर्श परिवार तथा समाज द्वारा संचालित होती है।

भौतिक उन्नति ही वास्तविक उन्नति नहीं है। वास्तविक उन्नति और सफल परिवार वही है जहाँ बच्चों के संस्कार तथा बुजुर्गों का सम्मान सुरक्षित रहे। इन्हीं पवित्र भावनाओं और महान उद्देश्य के साथ संत श्री भोलागिरी सर्वेश्वर वाटिका पारमार्थिक सेवा समिति, के महत्वपूर्ण सेवा प्रकल्पों के अंतर्गत गठित श्री सनातन धर्म रक्षा दल निरंतर प्रयत्नशील है।

सेवा प्रकल्प

हमारी यात्रा

स्थापना

सनातन संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण के संकल्प के साथ संगठन की नींव

विस्तार

जिला एवं ग्रामीण स्तर पर सेवा और प्रचार-प्रसार का विस्तार

सेवा कार्य

गो सेवा, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सहयोग और देवालय सेवा

वर्तमान

संस्कारों से सशक्त एवं सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर सेवा

"युवा पीढ़ी के संस्कार सुरक्षित रहे एवं बुजुर्गो का समान सुरक्षित रहे।"
— श्री सनातन धर्म रक्षा दल

हमारा संकल्प

भारतीय वैदिक सनातन संस्कृति और संस्कारों के पुनरुत्थान के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करना हमारा संकल्प है।

संस्कृति संरक्षण

समाज, धर्म और किसी भी सेवा कार्य में निःशुल्क सहयोग देकर मानवता के प्रति अपना कर्तव्य निभाना हमारा उद्देश्य है।

सेवा एवं सहयोग

युवा हृदयों में वैदिक सनातन संस्कृति और संस्कारों के महत्वता को स्थापित करना एवं सनातन धर्म के प्रति युवाओं को जागृत करना

युवा जागरण

सेवा की एक झलक

सेवा एवं जनजागरण आयोजन

नियमित

सत्संग एवं आध्यात्मिक प्रवचन

संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण का कार्य।

नियमित

देवालय एवं तीर्थस्थल स्वच्छता

प्राचीन तीर्थस्थलों और देवालयों में दल द्वारा स्वच्छता अभियान।

जिला स्तर

संस्कृति एवं संस्कार शिविर

युवाओं के लिए वैदिक सनातन संस्कृति और संस्कारों पर निःशुल्क अधिवेशन अथवा शिविर।

संपर्क एवं सेवा केंद्र

संस्था: तहसील लक्ष्मण गढ़ जिला सीकर राजस्थान

कार्य: संस्कृति, संस्कार एवं सेवा प्रकल्पों के लिए निरंतर प्रयास

संपर्क: 9024186302, 8619566996

ईमेल: ssdrd1008@gmail.com

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगठन से कैसे जुड़ सकते हैं?

नीचे दिए गए “सदस्यता लें” बटन पर क्लिक कर प्रपत्र भरें। हमारी टीम आपसे संपर्क करेगी।

क्या सदस्यता के लिए कोई समर्पण राशि है?

अपने परिश्रम एवं पुरुषार्थ से धनराशि व्यवस्था में से प्रतिदिन ₹1 समर्पित कर सदस्यता ली जा सकती है।

क्या सेवा कार्यों में सहभागिता की जा सकती है?

जी हाँ, सनातन संस्कृति, समाज और सेवा कार्यों में योगदान देने के लिए सभी का स्वागत है।

श्री सनातन धर्म रक्षा दल से जुड़ें

अपनी परिश्रम एवं पुरुषार्थ से उपार्जित व्यवस्था में से प्रतिदिन ₹1 समर्पित कर सदस्यता लें और आने वाली पीढ़ियों के सुदृढ़ एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करें।

सदस्यता लें

सादर हरि शरणम् — संत श्री दासानुदास गोविन्द शरण दास। श्री सनातन धर्म रक्षा दल अपने पुनीत सेवा प्रकल्पों के प्रति निष्ठापूर्वक निरंतर प्रयत्नशील रहने के लिए प्रतिबद्ध है।